2 May 2025
Credit: BCCI/Getty/PTI
राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ IPL मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार पारी खेली.
रोहित ने महज 36 बॉल पर 53 रन बनाए, जिसमें 9 चौके शामिल रहे. रोहित के आईपीएल करियर का ये 46वां अर्धशतक रहा.
इस मुकाबले में रोहित शर्मा के DRS लेने पर विवाद हुआ. साथ ही तीसरे अंपायर के फैसले पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
यह वाकया मैच के दूसरे ओवर में हुआ, तब रोहित 7 रन पर खेल रहे थे. उस ओवर में फजलहक फारूकी की पांचवी गेंद पर रोहित पूरी तरह से चूक गए.
ऐसे में फारूकी की वो गेंद रोहित शर्मा के पैड से टकराई और उन्हें मैदानी अंपायर ने आउट करार दिया. रोहित डीआरएस को लेकर कन्फ्यूज थे, लेकिन उन्होंने आखिरकार मैदानी अंपायर के फैसले को चुनौती दी.
बॉल-ट्रैकिंग तकनीक ने पाया कि गेंद का 50% हिस्सा लेग-स्टंप के बाहर पिच हो रहा था और इसलिए फैसला पलटना पड़ा.
मैदान पर लिए गए फैसले को बरकरार रखने के लिए गेंद का 50% से ज्यादा हिस्सा स्टम्प की लाइन के अंदर होना जरूरी था. चूंकि ऐसा नहीं हुआ, इसलिए रोहित को तीसरे अंपायर ने नॉटआउट दिया.
चर्चा का एक और बिंदु डीआरएस की टाइमिंग भी रही. बल्लेबाज को डीआरएस लेने के लिए 15 सेकंड दिए जाते है. यदि यह 15 सेकंड से अधिक हो जाता है, तो बल्लेबाज रिव्यू नहीं कर सकता.
रोहित ने तब T का साइन बनाया, जब टाइमर जीरो पर पहुंच चुका था. ऐसे तकनीकी तौर पर डीआरएस लेने की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी. रोहित को ये काम टाइमर के 0 पर पहुंचने से पहले कर लेना चाहिए था.
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