कैसे तय होता है भारत का समय... Indian Standard Time?
By: ऋचीक मिश्रा
March 21, 2023
इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) को पहली बार 1 जनवरी 1906 में स्वीकार किया गया था. इससे पहले मद्रास, बॉम्बे और कलकत्ता टाइम चलता था.
इसकी गणना उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में मौजूद क्लॉक टावर से की जाती है. जिसका लॉन्गीट्यूड है 82°30'E. ये समय-समय पर बदलता रहता है.
इससे पहले ये इलाहाबाद में था. फिर नैनी (82°5'E) हुआ क्योंकि यहां से पश्चिमी भारत (+5:00) और उत्तर-पूर्व भारत (+06:00) विभाजन होता है.
IST ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) यानी यूनिवर्सल कॉर्डिनेटेड टाइम (UTC) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है.
CSIR-NIPL देश में लगे 5 केसियम एटॉमिक क्लॉक के जरिए पूरे देश के समय का ख्याल रखता है.
इंडियन स्टैंडर्ड मेरिडियन यानी वह लाइन जो समय तय करती है, वह उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से निकलती है.
प्रयागराज में बने ऑब्जरवेटरी से मिले डेटा की बदौलत CSIR-NIPL पूरे देश के समय को एटॉमिक क्लॉक की बदौलत सही रखता है.
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