10 May 2025
aajtak.in
पूर्णिमा तिथि को सनातन धर्म में अत्यंत पावन माना गया है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ आकाश में उदित होता है.
मान्यता है कि इस दिन चंद्र देव को अर्घ्य अर्पित करने से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है और मन को शांति प्राप्त होती है.
ज्योतिष के अनुसार, पूर्णिमा के दिन पितरों के लिए की गई पूजा से पितृ संतुष्ट होते हैं और भगवान विष्णु की कृपा आप पर बरसती है. साथ ही पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.
हिंदू पंचाग के अनुसार, इस साल वैशाख पूर्णिमा 12 मई, सोमवार को मनाई जाएगी.
मान्यता है कि इस दिन पर पितरों की कृपा पाने के लिए कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं. अगर आप इन उपायों को करते हैं, तो पितरों का आशीर्वाद मिलता है और धन-धान्य बना रहता है.
धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक, दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना गया है. ऐसे में वैशाख पूर्णिमा के दिन घर की दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना गया है.
साथ ही, इस दिशा में पितरों की तस्वीर रखकर उनके सामने धूप, अगरबत्ती आदि भी जला सकते हैं. ऐसा करने से पितरों की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
मान्यता है कि पीपल के वृक्ष में पितरों का वास होता है. ऐसे में इस दिन दोपहर के समय पीपल पर जल अर्पित करें, वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें और दीपक में सरसों का तेल व काले तिल डालकर जलाएं. साथ ही, छाया दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है.
धार्मिक आस्थाओं के अनुसार, इन उपायों से न केवल पितरों की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति भी बनी रहती है.