29 Aug 2025
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पितृपक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर 2025 तक रहेगा. यह वह पवित्र समय होता है जब हमारे पितृ (पूर्वज) धरती पर आते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं.
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इस दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कार्य करके उन्हें सम्मान दिया जाता है.
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मान्यता है कि पितृपक्ष में नया घर, कार, नया कपड़ा खरदीने से पितृ नाराज हो सकते हैं
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लेकिन क्या आपको ये पता है कि इसके अलावा तीन ऐसी चीजें हैं जिन्हें खरीदने से पितृदोष लगता है.
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पितृपक्ष में झाड़ू खरीदना दरिद्रता और कलह को न्योता देता है. मान्यता है कि यह घर की लक्ष्मी को बाहर कर देता है.
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नमक को पितृपक्ष में खरीदने से रिश्तों में कड़वाहट और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं.
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सरसों के तेल का संबंध शनि देव और पितृ कर्म से माना जाता है. इसे पितृपक्ष में खरीदना अथवा नया लाना अशुभ प्रभाव डाल सकता है और पितृदोष को बढ़ा सकता है.
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त्रिदोष का अर्थ है- वात, पित्त और कफ, ये तीनों हमारे शरीर और जीवन के संतुलन के आधार हैं. जब ये संतुलन बिगड़ते हैं, तो जीवन में शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियां आने लगती हैं.
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