29 apr 2025
aajtak.in
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया मनाई जाती है. 30 अप्रैल यानी कल अक्षय तृतीया मनाई जाएगी.
इस बार अक्षय तृतीया बहुत ही खास मानी जा रही है क्योंकि इस दिन गजकेसरी राजयोग और लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने जा रहा है.
इसके अलावा, इस दिन शोभन योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग भी बनने जा रहे हैं. इन सभी योगों का एक साथ बनना घर में सुख-समृद्धि लाता है.
अक्षय तृतीया को युगादि तिथि के नाम से भी जाना जाता है. पौराणिक मान्यता है कि, अक्षय तृतीया पर किए गए पुण्य कार्यों जैसे जप-तप यज्ञ पितृ-तर्पण दान-पुण्य आदि का फल जीवन भर बना रहता है.
अक्षय तृतीया के दिन त्रेतायुग का आरंभ हुआ था. इसके अलावा इस तिथि को परशुराम का जन्म भी हुआ था और श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को अक्षय पात्र दिया था.
इसी दिन श्रीकृष्ण-सुदामा का मिलन हुआ था और यह दिन मां गंगा के अवतरण का भी है. साथ ही, इस दिन समुद्र मंथन से स्वर्ण भी निकला था और स्वर्ण को श्रीहरि ने धारण किया था.
30 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 41 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 12 मिनट तक सोना खरीदना सबसे अच्छा माना गया है.
अक्षय तृतीया पर वेद-पुराण या कोई स्कंद पुराण, महाभारत, रामायण और पीतल का कोई बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है.