28 FEB 2025
खून में अगर यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाए तो उससे जोड़ों की दिक्कत, किडनी की बीमारी, दिल के दौरे जैसी खतरनाक बीमारियां भी हो सकती हैं.
कई बार यूरिक एसिड शरीर में क्रिस्टल का रूप ले लेता है और धीरे धीरे जोड़ों के आसपास जमा होने लगता है. जिससे जोड़ों में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है.
आयुर्वेद में यूरिक एसिड कम करने के कई उपायों के बारे में बताया गया है. आइए जानते हैं आचार्य बालकृष्ण से कैसे कम करें यूरिक एसिड का लेवल.
आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, जिनका सीरम क्रिएटिनिन, ब्लड यूरिया या यूरिक एसिड का लेवल सामान्य से ज्यादा हो उनके लिए गोखरू बहुत ही लाभकारी है. इसके लिए गोखरू, सोंठ, मेथी और अश्वगंधा को बराबर मात्रा में मिलाकर पाउडर बना लें
सुबह शाम इस पाउडर का सेवन करें. इससे बढ़ा हुआ यूरिक एसिड कम हो जाएगा. साथ ही, गठिया और सूजन में आराम मिलेगा.
आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, कपिला के बीज, सोंठ, नीम का छाल और पीपल की छाल को मिलाकर काढ़ा बनाकर पिएं. इससे पेशाब खुलकर होगा. किडनी के रोगों में फायदा मिलेगा.
आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, 20 मिली लौकी जूस में 40 मिली गुनगुना पानी मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से यूरिक एसिड कम होता है और गठिया के दर्द में लाभ मिलता है.
जिनको मूत्र की परेशानी है, वो 4-5 ग्राम नागफनी की जड़, 1 ग्राम मेथी, 1 ग्राम अजवाइन और 1 ग्राम सोंठ को 400-500 ग्राम पानी में पकाएं. 100 ग्राम बचे तो उसे छानकर पिएं.
इससे वात संबंधी बीमारियों में लाभ मिलेगा. अगर अर्थराइटिस की शुरुआत है तो इससे उसे रोका जा सकता है. साथ ही यूरिक एसिड का लेवल भी नॉर्मल हो जाएगा.
यह एक सामान्य जानकारी है. किसी भी चीज को डाइट में शामिल करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लें.