29 Aug 2025
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बहुत से लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए हर्बल नुस्खों और सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं. उनका मानना होता है कि ये सप्लीमेंट्स नेचुरल हैं और इसलिए पूरी तरह सेफ भी हैं.
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लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि कुछ सो-कॉल्ड 'देसी जड़ी-बूटियां' आपके शरीर के जरूरी अंगों में से एक लिवर के लिए हानिकारक हो सकती हैं.
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आपका लिवर शरीर के डिटॉक्स पावरहाउस की तरह काम करता है, जो केमिकल्स और वेस्ट को छानकर बॉडी से बाहर निकालता है.
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लेकिन कुछ हर्बल प्रोडक्ट्स इस प्रॉसेस को जरूरत से ज्यादा बढ़ा सकते हैं, जिससे सूजन हो सकती है, शरीर पर निशान पड़ सकते हैं. इतना ही नहीं ये लिवर को इस हद तक डैमेज कर सकते हैं कि वो फेल भी हो सकता है.
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इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि लिवर इंज्युरीज (चोटें) अक्सर धीरे-धीरे होती हैं. जब तक पीलिया, पेट दर्द, थकान या गहरे रंग का पेशाब आने जैसे लक्षण शरीर में दिखाई देते हैं, तब तक लिवर को गंभीर नुकसान हो चुका होता है.
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इन जड़ी-बूटियों में हल्दी के सप्लीमेंट्स, अश्वगंधा, ग्रीन-टी एक्सट्रैक्ट, ब्लैक कोहोश और रेड यीस्ट राइस का नाम शामिल है. इन्हें सीमित मात्रा में ही खाएं.
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ऐसे में ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी हर्बल या नेचुरल सप्लीमेंट का सेवन शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें. लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करने से बचें.
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बिना किसी कारण के थकान, स्किन या आंखों का पीला पड़ना और पाचन संबंधी परेशानी को अनदेका ना करें और उनपर पूरा ध्यान दें.
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इस बात को भी दिमाग में सेट कर लें कि नेचुरल का मतलब हमेशा हार्मलेस नहीं होता. आपके लिवर को बिना जांचे-परखे हर्बल शॉर्टकट की कीमत चुकानी पड़ सकती है इसलिए सावधान रहें, जानकारी रखें और अपनी हेल्थ की रक्षा करें.
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