डिलीवरी के बाद दर्द में तड़पी एक्ट्रेस, ब्रेस्टफीड में हुई दिक्कत, खूब रोई, बोली- ये मुश्किल..

13 May 2024

Credit: Social Media

'द कपिल शर्मा शो' फेम एक्ट्रेस सुगंधा मिश्रा ने दिसंबर 2023 में अपनी बेटी का वेलकम किया था. सुगंधा ने अब बताया है कि मां बनने के बाद महिलाओं को कितने चैलेंजेस का सामना करना पड़ता है.

मां बनकर परेशान हुई एक्ट्रेस

ईटाइम्स को दिए लेटेस्ट इंटरव्यू में सुगंधा ने बताया कि डिलीवरी से पहले वो फुल मेकअप करके तैयार हो गई थीं, क्योंकि वो बेबी के जन्म के मोमेंट को सेलिब्रेट करना चाहती थीं. पर ऐसा हुआ नहीं. 

एक्ट्रेस की जब डिलीवरी हुई तो उनके पति और ननद ऑपरेशन थिएटर में उनके साथ मौजूद थे. बेटी के जन्म के बाद डॉक्टर ने उनकी प्रिंसेस को गाल के पास लाकर फील कराया और उसके बाद वो बेहोश हो गई थीं. 

सुगंधा बोलीं- मां बनने के बाद जब मैं उठी तो सबकुछ बदल चुका था. मेरी जिंदगी बदल गई थी. मैं बेबी को ब्रेस्टफीडिंग कराने, बेबी और अपना ख्याल रखने का प्रेशर फील कर रही थी. 

डिलीवरी के बाद जब मैं उठी तो मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा था. सी-सेक्शन के बाद जब मैंने पहला कदम लिया तो बहुत दर्द हुआ.

डॉक्टर्स मुझे वॉक करने को कह रहे थे, लेकिन मैं बिल्कुल चल नहीं पा रही थी. वो मुझपर चिल्लाते थे कि बेबी को ब्रेस्टफीड क्यों नहीं करा रहीं. पर मुझे मिल्क नहीं आ रहा था.

मैं दर्द से तड़प रही थी. डॉक्टर्स बोल रहे थे मिल्क क्यों नहीं आ रहा? ट्राई करते रहो. इतना मेंटल प्रेशर हो गया था कि पता नहीं क्यों नहीं आ रहा. 

सुगंधा ने कहा कि बेबी को दूध ना पिला पाने पर उन्हें गिल्ट हो रहा था. हार्मोनल चेंजेस की वजह से वो काफी डिप्रेस हो जाती थीं. इस वजह से वो अपनी बेटी के साथ शुरुआती बॉन्ड को एन्जॉय नहीं कर पाईं. 

सुगंधा आगे बोलीं- डिलीवरी के बाद 3 दिन तक मैं सो नहीं पाई. जन्म के एक हफ्ते बाद मेरी बेटी को इंफेक्शन हो गया था. वो NICU में थी. वो काफी बुरा फेज था. मैं कई चीजों से गुजर रही थी. 

मुझे पोस्टपार्टम डिप्रेशन हो गया था. टांकों की वजह से मैं खुद दर्द में थी और बेटी भी NICU में थी. वो मेरी जिंदगी का सबसे बुरा वक्त था. 

'मैं छोटी चीजों पर रोने लगती थी. मैं बहुत सेंसिटिव हो गई थी. मुझे ये भी नहीं पता था कि हर 2 घंटे में बेबी को फीड करना होता है.'

'मैं 3-4 दिन तक सो नहीं पाई. मुझे ब्रश करने का भी टाइम नहीं मिलता था. जब वो सोती थी तो मेरे पास ऑप्शन होता था या तो मैं सो जाऊं, या नहा लूं या फिर खाना खा लूं.'

लेकिन जो लोग कहते हैं कि बेबी सोता है तो सो जाओ ऐसा नहीं होता. ये बहुत मुश्किल है. मैं इतना परेशान हो गई थी कि मेरा ब्रेकडाउन हो गया. मैंने अपनी सास से कहा मुझे पैंपर करके सुलाओ. उन्होंने मेरे बेबी का ख्याल रखा.